पृष्ठ प्रश्न
page 82
Q1. एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है? अगर हाँ, तो उदाहरण देकर समझाएँ।
उत्तर : हाँ, हो सकता है। अगर कोई वस्तु चलकर वापस उसी जगह आ जाए जहाँ से उसने शुरू किया था, तो उसकी दूरी तो होगी, लेकिन विस्थापन शून्य रहेगा।
उदाहरण:
मान लो कोई पार्क का पूरा चक्कर लगाकर फिर वहीं लौट आए। उसने काफी दूरी तय की, लेकिन शुरुआत और अंत का स्थान एक ही है, इसलिए विस्थापन 0 होगा।
Q2. एक किसान 10 m की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर 40 s में चक्कर लगाता है। 2 मिनट 20 s के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?
उत्तर : सबसे पहले किसान की गति निकालते हैं:
-
खेत का परिमाप =
-
1 चक्कर का समय = 40 s
→ किसान की गति =
अब कुल समय देखते हैं:
2 मिनट 20 सेकंड = 140 सेकंड
किसान 140 सेकंड में कितनी दूरी तय करेगा?
→ दूरी = गति × समय =
अब देखते हैं कि 140 m में कितने चक्कर लगेंगे:
-
1 चक्कर = 40 m
-
140 ÷ 40 = 3.5 चक्कर
मतलब किसान 3 पूरे चक्कर लगाकर वापस स्टार्टिंग पॉइंट पर आ जाता है,
और आधा चक्कर और चलता है।
वर्ग में आधा चक्कर (20 m) चलने पर किसान विपरीत कोने तक पहुँचता है।
अब विस्थापन = स्टार्टिंग पॉइंट से विपरीत कोने की सीधी दूरी
जो वर्ग का डायगोनल होता है:
Final Answer:
किसान का विस्थापन लगभग 14.14 मीटर होगा।
Q3. विस्थापन के लिए निम्न में कौन-सा सही है?
(a) यह शून्य नहीं हो सकता है
(b) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है
उत्तर : इनमें से कोई भी विकल्प सही नहीं है।
असल में विस्थापन की दो खास बातें होती हैं, जो मैंने भी पहली बार पढ़ते समय थोड़ी confusing पाई थीं:
-
विस्थापन शून्य हो सकता है।
अगर कोई व्यक्ति या वस्तु घूमकर फिर उसी जगह आ जाए जहाँ से उसने शुरुआत की थी, तो उसका विस्थापन 0 हो जाता है। मैंने खुद पार्क में चक्कर लगाते हुए ये महसूस किया — पूरी दूरी चल ली, लेकिन शुरुआत और अंत एक ही थे। -
विस्थापन कभी दूरी से ज्यादा नहीं होता।
दूरी हमेशा रास्ते के हिसाब से बढ़ती है, जबकि विस्थापन सिर्फ “सीधी दूरी” होती है। इसलिए दूरी बड़ा मूल्य ले सकती है, पर विस्थापन कभी उससे ज़्यादा नहीं जाता।
इसलिए दोनों दिये गए विकल्प गलत हैं।
page no. 84
Q1. चाल एवं वेग में अंतर
| चाल (Speed) | वेग (Velocity) |
|---|---|
चाल केवल बताती है कि वस्तु कितनी तेज़ चल रही है। | वेग यह बताता है कि वस्तु कितनी तेज़ चल रही है और किस दिशा में। |
| इसमें दिशा शामिल नहीं होती। | इसमें दिशा शामिल होती है। |
| यह एक अदिश (Scalar) राशि है। | यह एक सदिश (Vector) राशि है। |
| चाल कभी भी नकारात्मक नहीं होती। | दिशा बदलने पर वेग धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है। |
| उदाहरण— “कार 40 km/h से चल रही है।” | उदाहरण— “कार 40 km/h की चाल से पूर्व दिशा में चल रही है।” |
Q2. किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा?
उत्तर : औसत वेग और औसत चाल तभी बराबर होते हैं जब वस्तु सीधी रेखा में बिना दिशा बदले चले। जैसे तुम घर से स्कूल की ओर बिल्कुल सीधे रास्ते पर चलते हो — न कोई मोड़, न कोई चक्कर। ऐसे में जितनी दूरी तुम चलते हो, स्टार्टिंग पॉइंट से एंड पॉइंट की सीधी दूरी भी वही होती है।
उदाहरण: मुझे ये बात तब सबसे आसान लगी जब मैंने खुद नोट किया कि सीधी सड़क पर चलते समय मैं जितनी दूरी तय करता हूँ, मेरा विस्थापन भी उतना ही निकलता है। उसी वजह से औसत चल और औसत वेग दोनों बराबर आ जाते हैं।
संक्षेप में: जब वस्तु सीधी रेखा में एक ही दिशा में चले, तब औसत वेग = औसत चाल.
Q3. एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है?
उत्तर : ओडोमीटर गाड़ी द्वारा तय की गई कुल दूरी को मापता है।
Q4. जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है?
उत्तर : जब कोई वस्तु एकसमान गति से चल रही होती है, तो उसका मार्ग आमतौर पर सीधा दिखाई देता है। सीधी रेखा वाला रास्ता इस बात का संकेत होता है कि वस्तु बिना रुके, बिना दिशा बदले और बिना गति कम–ज़्यादा किए चल रही है।
संक्षेप में: एकसमान गति में वस्तु का मार्ग सीधी रेखा जैसा दिखाई पड़ता है।
Q5. एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में 5 मिनट का समय लगता है। पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी क्या है?
(सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = )
उत्तर :
इस सवाल में बस एक ही काम करना है—समय और प्रकाश की चाल को गुणा करना, क्योंकि दूरी = चाल × समय।
सबसे पहले समय को सेकंड में बदलते हैं:
5 मिनट = सेकंड
अब दूरी निकालते हैं:
जब मैं पहली बार ऐसे बड़े नंबर देखता था, तो सच में दिमाग घूम जाता था। पर असल में ये बस एक सीधी-सी multiplication है—सिर्फ scale बड़ा है क्योंकि बात अंतरिक्ष की हो रही है।
Final Answer:
अंतरिक्षयान पृथ्वी से मीटर दूर है।
page no.86
Q1. आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि—
(a) वह एकसमान त्वरण से गति में है?
(b) वह असमान त्वरण से गति में है?
उत्तर :
(a) एकसमान त्वरण
जब किसी वस्तु की गति हर सेकंड बराबर मात्रा से बढ़े या घटे, तो हम कहते हैं कि वह एकसमान त्वरण में है।
(b) असमान त्वरण
जब वस्तु की गति कभी ज़्यादा बदल जाए, कभी कम—यानी हर सेकंड एक समान बदलाव न हो, तब इसे असमान त्वरण कहते हैं।
उदाहरण के तौर पर, शहर की ट्रैफिक वाली सड़क पर बाइक चलाना। कभी तेज़ करनी पड़ती है, कभी अचानक ब्रेक—यह स्पष्ट रूप से असमान त्वरण होता है।
संक्षेप में:
-
एकसमान त्वरण: गति में बराबर-बराबर बदलाव।
-
असमान त्वरण: गति में अनियमित बदलाव।
Q2. एक बस की गति 5 s में 80 km/h से घटकर 60 km/h हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।
उत्तर : पहले गति को m/s में बदलते हैं:
-
80 km/h = 22.22 m/s
-
60 km/h = 16.66 m/s
अब सूत्र लगाएँ:
Final Answer:
बस का त्वरण = –1.11 m/s² (क्योंकि गति घट रही है)
page no.90
Q1. किसी वस्तु के एकसमान व असमान गति के लिए समय–दूरी ग्राफ़ की प्रकृति क्या होती है?
उत्तर :
(a) एकसमान गति:
जब वस्तु एक ही गति से चलती है, तो समय–दूरी ग्राफ़ सीधी रेखा बनाता है।
सीधी रेखा इसलिए बनती है क्योंकि दूरी समय के साथ बराबर-बराबर बढ़ती रहती है।
(b) असमान गति:
असमान गति में समय–दूरी ग्राफ़ टेढ़ा या वक्राकार (curved) होता है।
क्योंकि गति कभी बढ़ती है, कभी कम होती है, इसलिए दूरी समान दर से नहीं बढ़ती।
Q2. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका दूरी–समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?
उत्तर : अगर दूरी–समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर सीधी रेखा हो, तो इसका मतलब है कि वस्तु की दूरी बिल्कुल नहीं बदल रही। यानी वस्तु रुकी हुई है, वह चल ही नहीं रही।
Q3. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका चाल–समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?
उत्तर : अगर चाल–समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर सीधी रेखा हो, तो इसका मतलब है कि वस्तु की चाल बिल्कुल नहीं बदल रही। यानी वस्तु एकसमान गति से चल रही है।
Q4. वेग-समय ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्र से मापी गई राशि क्या होती है?
उत्तर : वेग–समय (Velocity–Time) ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल उस वस्तु द्वारा तय की गई दूरी (Displacement / Distance) को दर्शाता है।
निष्कर्ष: वेग–समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्र = दूरी (Displacement/Distance)
page no.92
Q1. कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है तथा 2 मिनट तक 0.1 m s-2 के एकसमान त्वरण से चलती है| परिकलन कीजिए,
(a) प्राप्त की गई चाल
(b) तय की गई दूरी |
(a)
सूत्र:
मान रखते हैं:
(b)
सूत्र:
क्योंकि , इसलिए:
Q3. एक ट्रॉली एक आनत तल पर 2 cm/s² के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के 3 s बाद उसका वेग क्या होगा?
उत्तर :
3 सेकंड बाद ट्रॉली का वेग 0.06 m/s होगा।
Q4. एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण है। गति प्रारंभ करने के 10 s बाद वह कितनी दूरी तय करेगी?
दिया हुआ:
-
प्रारंभिक वेग
-
त्वरण
-
समय
उत्तर :
अंतिम उत्तर: कार 10 सेकंड में 200 मीटर दूरी तय करेगी।
Q5. किसी पत्थर को उर्ध्वाधर ऊपर की ओर के वेग से फेंका जाता है। यदि नीचे की ओर दिष्ट त्वरण है, तो पत्थर कितनी ऊँचाई तक जाएगा और वहाँ पहुँचने में कितना समय लगेगा?
उत्तर :
दिया हुआ:
-
प्रारंभिक वेग
-
त्वरण (ऊपर की गति के लिए)
-
अंतिम वेग (सबसे ऊपर)
(a) अधिकतम ऊँचाई
सूत्र:
पत्थर अधिकतम 1.25 मीटर ऊँचाई तक जाएगा।
(b) वहाँ तक पहुँचने में लगा समय
सूत्र:
पत्थर को ऊपर पहुँचने में 0.5 सेकंड लगेंगे।
अभ्यास
Q1. एक एथलीट वृत्तीय रास्ते, जिसका व्यास 200 m है, का एक चक्कर 40 s में लगाता है।
2 min 20 s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा?
उत्तर :
दिया हुआ:
-
वृत्त का व्यास = 200 m
-
त्रिज्या
-
एक चक्कर का समय = 40 s
-
कुल समय = 2 min 20 s = 140 s
(1) एथलीट द्वारा तय की गई दूरी
पहले यह जानें कि उसने कितने चक्कर लगाए:
अब एक चक्कर की लंबाई = परिधि:
कुल दूरी:
एथलीट लगभग 2200 m दूरी तय करेगा।
(2) विस्थापन (Displacement)
3.5 चक्कर = 3 पूरे चक्कर + आधा चक्कर
-
3 चक्कर बाद एथलीट स्टार्टिंग पॉइंट पर आ जाता है।
-
आधा चक्कर (0.5) लगाने पर वह विल्कुल सामने वाले बिंदु पर पहुँचेगा।
वृत्त का व्यास = 200 m
और आधा चक्कर का विस्थापन यही व्यास होता है।
इसलिए विस्थापन = 200 m
Q2. 300 m सीधे रास्ते पर जोसेफ़ जॉगिंग करता हुआ 2 min 50 s में एक सिरे A से दूसरे सिरे B पर पहुँचता है और घूमकर 1 min. में 100 m पीछे बिंदु C पर पहुँचता है| जोसेफ़ की औसत चाल और औसत वेग क्या होंगे? (a) सिरे A से सिरे B तक तथा (b) सिरे A से सिरे C तक
A -----------300 m----------- B ------100 m back------ C
उत्तर :
(a) A से B तक
-
Distance = 300 m
-
Time = 2 min 50 s = 170 s
Average Speed
= Distance / Time
= 300 / 170
≈ 1.76 m/s
Average Velocity
सीधा रास्ता → displacement = 300 m
= 300 / 170
≈ 1.76 m/s
(b) A से C तक
-
Total Distance = 300 + 100 = 400 m
-
Total Time = 170 + 60 = 230 s
-
Displacement = A से C = 200 m
Average Speed
= 400 / 230
≈ 1.74 m/s
Average Velocity
= 200 / 230
≈ 0.87 m/s
Q3. अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल को 20 km h⁻¹ पाता है। उसी रास्ते से लौटने के समय वहाँ भीड़ कम है और औसत चाल 40 km h⁻¹ है। अब्दुल की इस पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल क्या है?
उत्तर:
जब किसी यात्रा में जाने और लौटने की दूरी बराबर होती है, तो औसत चाल निकालने के लिए ये formula इस्तेमाल किया जाता है:
जहाँ:
a = 20 km/h
b = 40 km/h
अब मान डालते हैं:
पूरी यात्रा की औसत चाल = लगभग 26.67 km/h
Q4. कोई मोटरबोट झील में विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर 3.0 m/s² की नियत त्वरण से 8.0 s तक चलती है। इस समय अंतराल में मोटरबोट कितनी दूरी तय करती है?
उत्तर:
यहाँ मोटरबोट rest (u = 0) से शुरू होती है और uniform acceleration से चल रही है।
ऐसे में दूरी निकालने के लिए formula होता है:
दिए हुए मान:
u = 0 m/s
a = 3.0 m/s²
t = 8 s
अब मान डालते हैं:
उत्तर : दोनों कारों के चाल-समय ग्राफ़ नीचे दिए गए चित्र में दर्शाए गए हैं। ब्रेक लगाने के बाद कार B (30 km/h) ने 41.65 मीटर दूरी तय की, जबकि कार A (52 km/h) ने 36.10 मीटर दूरी तय की। इसलिए, कार B अधिक दूरी तक गई।
कार A (52 km/h):
- प्रारंभिक चाल: 52 km/h = 14.44 m/s
- समय: 5 सेकंड
- दूरी = \frac{1}{2}\times 14.44\times 5=36.10 मीटर
कार B (30 km/h):
- प्रारंभिक चाल: 30 km/h = 8.33 m/s
- समय: 10 सेकंड
- दूरी = \frac{1}{2}\times 8.33\times 10=41.65 मीटर
ग्राफ़ विश्लेषण:
- दोनों कारों के चाल-समय ग्राफ़ रेखीय (सीधे) हैं क्योंकि दोनों में एकसमान ऋणात्मक त्वरण है।
- कार A की रेखा अधिक ढलान वाली है (तेज़ी से रुकती है), जबकि कार B की रेखा कम ढलान वाली है (धीरे रुकती है)।
निष्कर्ष: यद्यपि कार A की प्रारंभिक चाल अधिक थी, लेकिन वह कम समय में रुक गई, जिससे उसकी दूरी कम रही। कार B ने धीमे ब्रेक लगाए और अधिक समय तक चलती रही, जिससे उसकी दूरी अधिक हुई।
अगर आप चाहें तो मैं इसी प्रकार का त्वरण-समय ग्राफ़ भी बना सकता हूँ या इन दोनों कारों की तुलना किसी तीसरी स्थिति से कर सकता हूँ।
उत्तर :
(a) तीनों में से कौन सबसे तीव्र गति से गतिमान है?
जिसकी रेखा सबसे ज्यादा खड़ी (steep) होगी, उसकी गति सबसे अधिक होती है।
ग्राफ में B की रेखा सबसे steep है।
इसलिए सबसे तेज़ वस्तु = B
(b) क्या तीनों किसी भी समय सड़क के एक ही बिंदु पर होंगे?
तीनों की तीनों रेखाएँ किसी एक ही बिंदु पर आपस में नहीं मिलतीं।
कुछ-कुछ रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, पर तीनों एक साथ कभी नहीं मिलतीं।
उत्तर: नहीं, तीनों कभी भी एक ही बिंदु पर नहीं होंगे।
(c) जिस समय B, A से गुजरती है उस समय C कितनी दूरी तय कर लेती है?
ग्राफ को देखकर पता चलता है कि:
-
B और A लगभग 1.4 घंटे पर एक-दूसरे से मिलते हैं।
-
उसी समय C की दूरी लगभग 8 किमी के आसपास है।
उत्तर: C ने लगभग 8 km दूरी तय कर ली होती है।
(d) जिस समय B, C से गुजरती है उस समय यह कितनी दूरी तय कर लेती है?
ग्राफ देखकर:
-
B और C लगभग 0.8–0.9 घंटे के बीच एक-दूसरे को काटते हैं।
-
उस समय दूरी लगभग 6 किमी के करीब है।
उत्तर: लगभग 6 km
Q7. 20 m की ऊँचाई से एक गेंद को गिराया जाता है। यदि उसका वेग 10 m/s² की एकसमान त्वरण दर से बढ़ता है, तो यह किस वेग से धरातल से टकराएगी? और कितने समय बाद वह जमीन पर पहुँचेगी?
उत्तर:
1. गेंद कितने समय में जमीन पर पहुँचेगी?
फ़ॉर्मूला:
गेंद 2 सेकंड में जमीन पर टकराएगी।
2. गेंद किस वेग से जमीन से टकराएगी?
फ़ॉर्मूला:
गेंद 20 m/s की गति से धरातल से टकराएगी।
Q8. किसी कार का चाल-समय ग्राफ़ चित्र में दर्शाया गया है|
(a) पहले 4 s में कार कितनी दूरी तय करती है? इस अवधि में कार द्वारा तय की गई दूरी को ग्राफ़ में छायांकित क्षेत्र द्वारा दर्शाइये|
(b) ग्राफ़ का कौन-सा भाग कार की एकसमान गति को दर्शाता है?
(a) पहले 4 सेकंड में कार द्वारा तय की गई दूरी
चाल-समय ग्राफ़ में किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्रफल से दर्शाया जाता है। पहले 4 सेकंड में चाल धीरे-धीरे बढ़ती है, और ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्र एक वक्र के नीचे का भाग है।
इस क्षेत्र को छायांकित करके दर्शाया गया है — जो दूरी को दर्शाता है।
चूँकि 4 सेकंड पर चाल लगभग 6 m/s है, औसत चाल लगभग 3 m/s मानी जा सकती है।
इसलिए:
\mathrm{दूरी}\approx \mathrm{औसत\ चाल}\times \mathrm{समय}=3\, \mathrm{m/s}\times 4\, \mathrm{s}=12\, \mathrm{m}
पहले 4 सेकंड में कार लगभग 12 मीटर की दूरी तय करती है।
(b) ग्राफ़ का कौन-सा भाग एकसमान गति को दर्शाता है?
जब ग्राफ़ क्षैतिज होता है, यानी चाल समय के साथ नहीं बदलती, तो वह एकसमान गति को दर्शाता है।
🔹 इस ग्राफ़ में 4 सेकंड के बाद चाल लगभग 6 m/s पर स्थिर हो जाती है।
👉 इसलिए, 4s से 10s तक का भाग एकसमान गति को दर्शाता है।
अगर चाहो तो मैं इस ग्राफ़ का गणितीय मॉडल या दूरी की सटीक गणना भी कर सकता हूँ!
(a)
👉 हाँ, यह संभव है।
कैसे?
जब कोई वस्तु क्षणिक रूप से रुकती है लेकिन उसी समय उस पर त्वरण लगता रहता है।
उदाहरण:
ऊपर फेंकी हुई गेंद (throw upward)
-
जब गेंद सबसे ऊँचे बिंदु पर पहुँचती है, उसका वेग 0 m/s हो जाता है।
-
लेकिन गुरुत्वाकर्षण का त्वरण g = 9.8 m/s² नीचे की ओर लगा रहता है।
👉 इसलिए वेग = 0, लेकिन त्वरण ≠ 0 (नियत g)।
(b)
👉 यह भी संभव है।
उदाहरण:
समान वेग से वृत्तीय गति (Uniform circular motion)
-
वस्तु की गति (velocity) स्पर्शरेखा की दिशा में होती है।
-
लेकिन वृत्त के केंद्र की ओर सदैश त्वरण (centripetal acceleration) हमेशा वेग के लंबवत होता है।
👉 इसलिए वस्तु आगे बढ़ती रहती है, पर उसका त्वरण 90° पर काम करता है।