NCERT CLASS 9TH HINDI CHAPTER 11 KAIDI AUR KOKILA QUESTION ANSWER || एनसीईआरटी कक्षा 9वीं अध्याय 11 कैदी और कोकिला प्रश्न उत्तर

 


प्रश्न अभ्यास 



प्रश्न 1. कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी ?

उत्तर: कोयल की कूक सुनते ही कवि के दिल में एक हल्की सी उमंग और राहत जाग उठी। जेल की बंद दीवारों के भीतर भी उसके अंदर की आज़ादी की यादें ताज़ा हो गईं; उसने बचपन, खुले आकाश और गाँव की सादगी की झलक महसूस की। कोयल का गीत उसके लिए सांत्वना और आशा का स्रोत बना और उसने अपने किए हुए कर्मों, खोई हुई मानवीयताओं और पीछे छूटे रिश्तों पर सोचना शुरू किया। पूरी तरह से बेफिक्र या मुक्त नहीं हुआ पर कोयल की तान ने उसके मन में एक छोटा उजाला जगा दिया जो उसे दर्द के बीच शांति का अनुभव कराता रहा।

    



प्रश्न 2. कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की सम्भावना बताई

उत्तर: कवि ने कोकिल के बोलने के कई संभव कारण सोचे और उन्हें भावनात्मक, व्यवहारिक और प्राकृतिक संदर्भ में विभाजित किया। मुख्य संभावनाएँ निम्न हैं:

  1. प्रकृति का ऋतु‑संबंधी संकेत — मौसम और वसंत के आने से कोकिल बोल उठी, यह जीव की सामान्य प्रवृत्ति हो सकती है।
  2. प्रजातिगत स्वाभाव — कोयल की यह आदत है कि वह दिनचर्या में गीत गाती है, कोई खास वजह नहीं बल्कि स्वाभाविक तान।
  3. जोड़े को बुलाना — मादा‑नर के मिलन या साथी को आकर्षित करने के लिए गीत गाना।
  4. घर या बसेरे की रक्षा — अपने क्षेत्र और घोंसले की पहचान कराना।
  5. भावनात्मक उत्साह या प्रसन्नता — जीवन के सरल सुख, भोजन या सुरक्षित महसूस करने पर गीत।
  6. दर्द या पुकार — कुछ सुरों में वे पीड़ा, तड़प या पुकार भी व्यक्त कर सकती है, जो सुनने वाले पर असर डालती है।

कवि ने इन संभावनाओं को सोचते हुए कोयल के गीत को केवल जैविक क्रिया न मानकर उसमें मानवीय भाव और आज़ादी की अलहदा झलक भी देखी।





प्रश्न 3. किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों

उत्तर: कवि ने उस तम की तुलना दमनकारी और अत्याचारी शासन से की है।
कारण: तम यानी अंधकार और जकड़न वही प्रभाव करता है जो क्रूर शासन करता है; दोनों में मनुष्यता का दबना, आशा और स्वतंत्रता का घनघोर क्षरण होता है। जैसे अत्याचारी शासन लोगों की आवाज़ दबाता और जीवन को सूखा देता है, वैसे ही तम कैदी के मन में चमक, उत्साह और स्वाभाविक भावनाओं को कुंद कर देता है। कवि ने यह तुलना इसलिए की ताकि यह दिखा सके कि बाहरी बंधन और मनोवैज्ञानिक अँधेरा किसी व्यक्ति की आत्मिक आज़ादी पर कैसे तत्काल और गहरा असर डालते हैं।




प्रश्न 4. कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वरण कीजिए

उत्तर: कविता में पराधीन भारत की जेलों की यंत्रणाएँ सीधे‑सीधे सूचीबद्ध नहीं हैं पर कवि की भावना, माहौल और चित्रण से उन यातनाओं का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। जेलें कड़ी दीवारों और सख्त निगरानी से भरी थीं, जहाँ कैदियों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की यातनाएँ सहनी पड़ती थीं। वहां अक्सर कठोर शारीरिक श्रम करवाया जाता था, शरीर पर चोट और डण्डों का भय सामान्य रहता था, और उलझी‑बँधी दिनचर्या में मानवीय मर्यादा दब जाती थी।

जैल‑परिसर में एकांत और अलगाव की अवस्था थी; परिवार और समाज से कटाव, संदेश‑आवाज पर रोक और मानसिक सतर्कता कैदियों की आत्मा को कुंद कर देती थी। रोशनी, हवा और स्वच्छता की कमी, खट्टा या अपर्याप्त भोजन और नींद में बाधाएँ रोग और निराशा बढ़ाती थीं। न्यायहीन बंदीकरण और विधिक अपारदर्शिता से आशा टूटती थी; ये सभी तत्व मिलकर लंबे समय तक चलने वाला मानसिक यातना‑वातावरण बनाते थे।

कविता में कोयल की कूक इस अँधेरे के बीच एक विरोधी संकेत बनकर आती है जो उन यंत्रणाओं के बावजूद मनुष्य के भीतर बची उम्मीद और संवेदना को जगाती है।





प्रश्न 5. भाव स्पष्ट कीजिए–

(क) मृदल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो।
(ख) हूूँ मोट खीचता लगा पेट पर जुआ, खाली करता हूूँ ब्रिटिश अकड़ का कूआँ

उत्तर: 

(क) कोकिल की कूक इतनी कोमल और सुरम्य है कि वह कवि के अंदर मौजूद नाजुक सौंदर्य और भावनात्मक संपदा को बचाए रखती है; उसके गीत से कैदी के हृदय में आशा और शांति का भाव जाग उठता है। कोकिल यहाँ मन की भीतर की बहुमूल्य संवेदनाओं की रखवाली करने वाली शक्ति के रूप में दिखती है।

(ख) इस पंक्ति में कवि अपने अंदर की भारी पीड़ा और दमन का अनुभव बता रहा है, जैसे पेट पर जकड़न सी हो। "ब्रिटिश अकड़ का कूआँ खाली करना" कहकर वह स्पष्ट करता है कि वह अंग्रेजी सत्ता की दारुणता और घमंड को वैचारिक रूप से बेअसर करना चाहता है, यह व्यंग्य और विरोध की भावना दर्शाती है





प्रश्न 6. अर्द्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि का क्या अंदेशा है।

उत्तर: कवि को आशंका होती है कि कोयल की अचानक चीख किसी अनहोनी या खतरे की चेतावनी है; वह सोचता है कि यह आवाज़ जेल के भीतर किसी अशांत घटना, दहशत या बुरी खबर का संकेत दे सकती है और इसलिए उसे बेचैनी होती है




प्रश्न 7. कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है ?

उत्तर: कवि को कोयल से ईर्ष्या इसलिए हो रही है क्योंकि वह आज़ाद है—वो खुली हवा में गाती है, साथी और भोजन पाती है और जीवन का सुख भोगती है, जबकि कवि जेल की सीमाओं, तंगहाली और अकेलेपन में बँधा हुआ है। उसकी ईर्ष्या आज़ादी, सहजता और कोयल की निर्भयता पर केंद्रित है





प्रश्न 8. कवि के स्मृति‑पटल पर कोयल के गीतों की कौन‑सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है ?

उत्तर:

  • बचपन का गाँव, खुले आंगन और पेड़ों पर बैठकर कोयल की तान सुनना।
  • माँ‑बाप की आवाज़ें, घर की रसोई और पारिवारिक मेल‑मिलाप की सहजता।
  • नदियों‑खेतों में खेलने, खुली हवा और निर्भयता का अनुभव।
  • कोमल गीतों के साथ जुड़ी सादगी, प्रेम और स्वतन्त्रता की भावनाएँ।

कवि इन मिठी यादों को अपने भीतर संजोए हैं और जेल की कड़ाई से उन यादों को मिटाने या दबाने की मानसिक ललकार महसूस कर रहा है।





प्रश्न 9. हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है ?

उत्तर: कवि ने हथकड़ियों को विडंबनापूर्ण रूप में "गहना" कहा है ताकि वह दिखा सके कि वे बन्धन भले ही बाहरी सजावट जैसा दिखें पर असल में व्यक्ति की आज़ादी छीनने वाला अस्त्र हैं; यह उपमा दमन की तीव्रता पर कटु प्रकाश डालती है।




प्रश्न 10. ‘काली तू-ऐ आली’–इन पंक्तियों में ‘काली’ शब्द की आवृत्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए।

उत्तर: 'काली' के बार‑बार कहने से उसका आभास शक्तिशाली और भयावह बन जाता है; पुनरावृत्ति ध्वनिक जोर बढ़ाकर अँधेरी उपस्थिति की तीव्रता और तात्कालिक पुकार पैदा करती है।




प्रश्न 11. काव्य‑सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए

(क) किस दावानल की ज्वालाएँ हैं दीखी ?
(ख) तेरे गीत कहवें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह! देख विषमता तेरी‑मेरी, बजा रही तिस पर रणभेरी!

उत्तर: 

(क) बीते कष्टों और दमन के तीव्र क्रोध की ज्वालाएँ दिखाई गईं, जो भौतिक और मानसिक दोनों तरह के उत्पीड़न का प्रतीक हैं।

(ख) कोयल के आनंदपूर्ण गीत पर कवि का दुख गुनाह सा माना गया है; उसकी पीड़ा और कोयल की खुशी की विषमता, संघर्ष‑बोध की तर्जनी बनकर युद्ध‑संकल्प की ध्वनि (रणभेरी) उठाती है।





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