अभ्यास प्रश्न उत्तर
PAGE NO. 16
Q1: शुद्ध पदार्थ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शुद्ध पदार्थ वह होता है जिसमें केवल एक ही तरह के कण — यानी परमाणु या अणु — मौजूद होते हैं। इसमें किसी भी अन्य प्रकार के पदार्थ की मिलावट नहीं होती। सरल शब्दों में, शुद्ध पदार्थ पूरी तरह से एक जैसे तत्वों या अणुओं से बना होता है।
उदाहरण – शुद्ध पानी (H₂O), ऑक्सीजन गैस (O₂), सोना (Au) और सामान्य नमक (NaCl) शुद्ध पदार्थों के उदाहरण हैं।
Q2: समांगी और विषमांगी मिश्रणों में अंतर बताइए।
उत्तर:
| बिंदु | समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) | विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) |
|---|---|---|
| 1. परिभाषा | ऐसा मिश्रण जिसमें सभी घटक समान रूप से फैले हों। | ऐसा मिश्रण जिसमें घटक समान रूप से न फैले हों। |
| 2. रूप | एकसमान दिखाई देता है। | असमान दिखाई देता है। |
| 3. उदाहरण | नमक घुला पानी, हवा, चीनी का घोल। | तेल और पानी, दूध में क्रीम, मिट्टी और पानी। |
| 4. अलग करना | साधारणत: घटकों को अलग करना कठिन होता है। | घटकों को आसानी से अलग किया जा सकता है। |
PAGE NO. 20
Q1: उदाहरण के साथ समांगी और विषमांगी मिश्रणों में विभेद कीजिए।
उत्तर: समांगी और विषमांगी मिश्रण में मुख्य अंतर इस प्रकार है:
| क्रमांक | आधार | समांगी मिश्रण | विषमांगी मिश्रण |
|---|---|---|---|
| 1. | समरूपता | संघटन और गुण एक समान होते हैं। | संघटन और गुण एक समान नहीं होते। |
| 2. | घटकों की दृश्यता | घटकों को पहचाना नहीं जा सकता। | घटकों को आसानी से पहचाना जा सकता है। |
| 3. | सीमा रेखा | कोई स्पष्ट सीमा रेखा नहीं होती। | स्पष्ट सीमा रेखा होती है। |
| 4. | टिंडल प्रभाव | नहीं दिखाता। | दिखा सकता है। |
| 5. | उदाहरण | चीनी का घोल, वायु | रेत और नमक, सलाद |
Q2: विलयन, निलंबन और कोलॉइड एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर:
| बिंदु | विलयन (Solution) | निलंबन (Suspension) | कोलॉइड (Colloid) |
|---|---|---|---|
| 1. परिभाषा | दो या अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण। | ऐसा विषमांगी मिश्रण जिसमें ठोस कण द्रव में फैले रहते हैं। | ऐसा मिश्रण जिसमें सूक्ष्म कण माध्यम में फैले रहते हैं। |
| 2. कणों का आकार | बहुत छोटा (1 nm से कम)। | बड़ा (100 nm से अधिक)। | मध्यम (1–100 nm)। |
| 3. नंगी आँख से देखना | कण दिखाई नहीं देते। | कण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। | कण दिखाई नहीं देते लेकिन प्रकाश को बिखेरते हैं। |
| 4. छनन (Filtration) | फिल्टर से नहीं रुकते। | आसानी से फिल्टर से रुक जाते हैं। | फिल्टर से नहीं रुकते। |
| 5. स्थिरता | लंबे समय तक स्थिर रहते हैं। | कुछ समय बाद कण नीचे बैठ जाते हैं। | लंबे समय तक स्थिर रहते हैं। |
| 6. टिंडल प्रभाव | नहीं दिखाते। | नहीं दिखाते। | दिखाते हैं। |
| 7. उदाहरण | नमक का पानी, चीनी का घोल। | मिट्टी और पानी, रेत और पानी। | दूध, धुंध (fog), रक्त। |
Q3: एक संतृप्त विलयन बनाने के लिए 36g सोडियम क्लोराइड को 100g जल में 293K पर घोला जाता है| इस तापमान पर इसकी सांद्रता प्राप्त करें|
PAGE NO. 26
Q1: पेट्रोल और मिट्टी का तेल (kerosene oil) जो कि आपस में घुलनशील है, के मिश्रण को आप कैसे पृथक करेंगे? पेट्रोल तथा मिट्टी के तेल (kerosene oil) के क्वाथनांकों में 25⁰C अधिक का अंतराल है|
उत्तर: पेट्रोल और मिट्टी का तेल दोनों एक-दूसरे में घुलनशील द्रव हैं। चूँकि इनके क्वथनांकों में लगभग 25°C का अंतर पाया जाता है, इसलिए इन्हें आंशिक आसवन (Fractional Distillation) विधि से अलग किया जा सकता है।
प्रक्रिया:
-
मिश्रण को धीरे-धीरे गर्म किया जाता है।
-
कम क्वथनांक वाला द्रव — यानी पेट्रोल — पहले वाष्पित होकर ऊपर चला जाता है।
-
मिट्टी का तेल, जिसका क्वथनांक अधिक होता है, बाद में पात्र में बचा रह जाता है।
👉 इस तरह दोनों द्रवों को आसानी से अलग किया जा सकता है।
नोट: यह विधि तब काम आती है जब मिश्रण में उपस्थित तरल पदार्थों के क्वथनांक में पर्याप्त अंतर हो।
Q2: पृथक करने की सामान्य विधियों के नाम दें :
(i) दही से मक्खन → अपकेंद्रण (Centrifugation / Churning)
(ii) समुद्री जल से नमक → वाष्पन (Evaporation)
(iii) नमक से कपूर → उर्ध्वपातन (Sublimation)
Q3: क्रिस्टलीकरण विधि से किस प्रकार के मिश्रणों को पृथक किया जा सकता है?
उत्तर: क्रिस्टलीकरण विधि का उपयोग उन मिश्रणों को अलग करने में किया जाता है, जिनमें ठोस पदार्थ किसी द्रव में घुला होता है। इस विधि से ठोस को उसके शुद्ध और चमकदार क्रिस्टल रूप में प्राप्त किया जा सकता है। आमतौर पर इसका प्रयोग ठोस–द्रव मिश्रणों को पृथक करने के लिए किया जाता है।
PAGE NO. 27
Q1: निम्न को रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों में वर्गीकृत कीजिए :
| परिवर्तन | प्रकार |
|---|---|
| पेड़ों को काटना | भौतिक परिवर्तन |
मक्खन का एक बर्तन में पिघलना | भौतिक परिवर्तन |
अलमारी में जंग लगना | रासायनिक परिवर्तन |
जल का उबालकर वाष्प बनना | भौतिक परिवर्तन |
विद्युत धारा का जल में प्रवाहित होकर उसका हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में विघटन होना | रासायनिक परिवर्तन |
जल में साधारण नमक का घुलना | भौतिक परिवर्तन |
फलों से सलाद बनाना | भौतिक परिवर्तन |
लकड़ी और कागज का जलना | रासायनिक परिवर्तन |
PAGE NO. 30
Q1: निम्नलिखित को पृथक करने के लिए आप किन विधियों को अपनाएँगे?
| क्रमांक | मिश्रण/पदार्थ | पृथक्करण की विधि |
|---|---|---|
| (a) | सोडियम क्लोराइड को जल के विलयन से | वाष्पन (Evaporation) |
| (b) | अमोनियम क्लोराइड को सोडियम क्लोराइड तथा अमोनियम क्लोराइड के मिश्रण से | उर्ध्वपातन (Sublimation) |
(c) | धातु के छोटे टुकड़े को कार के इंजन ऑयल से | छानना (Filtration) / चुम्बक (Magnet) से |
(d) | दही से मक्खन निकालना | मथना / अपकेंद्रण (Churning / Centrifugation) |
(e) | जल से तेल निकालना | पृथक्करण कीप (Separating Funnel) |
(f) | चाय से चाय की पत्तियों को | छानना (Filtration / Sieving) |
(g) | बालू से लोहे के पिन | चुम्बक (Magnet) द्वारा |
(h) | भूसे से गेहूँ के दाने | वायनिकरण (Winnowing) |
| (i) | पानी में तैरते हुए महीन मिट्टी के कण | अपकेंद्रण (Centrifugation) / अवसादन (Sedimentation + Decantation) |
| (j) | पुष्प की पंखुड़ियों के निचोड़ से विभिन्न रंजक | क्रोमैटोग्राफी (Chromatography) |
Q2: चाय तैयार करने के लिए आप किन-किन चरणों का प्रयोग करेंगे?
उत्तर: चाय बनाने में कई पदार्थ एक साथ मिलकर एक मिश्रण तैयार करते हैं। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है —
-
सबसे पहले पानी को गरम किया जाता है।
-
फिर उसमें चायपत्ती डाली जाती है, जो पानी में पूरी तरह नहीं घुलती, बल्कि रंग और स्वाद छोड़ देती है।
-
इसके बाद चीनी डाली जाती है, जो पानी में घुलकर एक विलयन बना देती है।
-
अब दूध मिलाने पर मिश्रण समांगी (homogeneous) बन जाता है।
-
चाय को छानने पर छनकर आने वाला द्रव घुलेय (filtrate) कहलाता है और छननी में बची चायपत्ती अवशेष (residue) कहलाती है।
इस प्रकार हमें तैयार चाय मिलती है, जो एक स्वादिष्ट विलयन (solution) होती है।
Q3: प्रज्ञा ने तीन अलग-अलग पदार्थों की घुलनशीलताओं को विभिन्न तापमान पर जाँचा तथा नीचे दिए आंकड़ों को प्राप्त किया| प्राप्त हुए परिणामों को 100g जल में विलेय पदार्थ की मात्रा, जो संतृप्त विलयन बनाने हेतु पर्याप्त है, निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है|
(a) 50 g जल में 313 K पर KNO₃ का संतृप्त विलयन बनाने हेतु कितने ग्राम KNO₃ चाहिए?
दी गई जानकारी:
-
पानी = 50 g
-
तापमान = 313 K
-
KNO₃ की घुलनशीलता = 62 g प्रति 100 g पानी
गणना:
अंतिम उत्तर:
(b) प्रज्ञा ने 353 K पर KCl का संतृप्त विलयन बनाकर कमरे के तापमान (मान लें 293 K) पर ठंडा किया — वह क्या अवलोकित करेगी? स्पष्ट करें।
-
उत्तर :
दी गई जानकारी के अनुसार —
-
353 K पर 100 g पानी में लगभग 54 g KCl घुल सकता है।
-
293 K पर 100 g पानी में केवल 35 g KCl ही घुल सकता है।
जब प्रज्ञा ने 353 K पर संतृप्त KCl विलयन बनाया और उसे कमरे के तापमान (293 K) तक ठंडा किया, तो घुलनशीलता घटने के कारण लगभग 19 g KCl (54 − 35) अतिरिक्त रह गया।
यह अतिरिक्त KCl पानी में घुल नहीं पाया और छोटे-छोटे सफ़ेद क्रिस्टलों के रूप में तल पर जम गया।
अवलोकन:
विलयन के ठंडा होने पर KCl के सफेद क्रिस्टल स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, इस प्रक्रिया को क्रिस्टलीकरण (Crystallization) या अवक्षेपण (Precipitation) कहा जाता है। -
(c) 293 K पर प्रत्येक लवण की घुलनशीलता क्या है? इस तापमान पर कौन-सा लवण सबसे अधिक घुलनशील है?
तालिका के अनुसार 293 K पर प्रत्येक लवण की घुलनशीलता इस प्रकार है —
-
KNO₃ = 32 g/100 g जल
-
NaCl = 36 g/100 g जल
-
KCl = 35 g/100 g जल
-
NH₄Cl = 37 g/100 g जल
इनमें से अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl) की घुलनशीलता सबसे अधिक है।
इसका अर्थ है कि 293 K पर 100 g पानी में लगभग 37 g NH₄Cl घुल सकता है।
अर्थात्, अन्य सभी लवणों की तुलना में NH₄Cl सबसे आसानी से पानी में घुलता है।
(d) तापमान में परिवर्तन से लवण की घुलनशीलता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर :
तापमान में परिवर्तन का प्रभाव:
-
सामान्य नियम: अधिकांश ठोस लवणों की घुलनशीलता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
-
उदाहरण: KNO₃, KCl, NH₄Cl की घुलनशीलता जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे ये अधिक घुलने लगते हैं।
-
-
असाधारण मामले: कुछ लवण, जैसे NaCl, में तापमान के साथ घुलनशीलता में बहुत कम परिवर्तन होता है।
-
इसका मतलब है कि NaCl लगभग स्थिर घुलनशीलता वाला लवण है।
-
निष्कर्ष:
-
सामान्यतः तापमान बढ़ने पर लवण की घुलनशीलता बढ़ती है।
-
कुछ लवणों में यह परिवर्तन नगण्य होता है।
Q4: निम्न की उदाहरण सहित व्याख्या करें:
(a) संतृप्त विलयन
(b) शुद्ध पदार्थ
(c) कोलाइड
(d) निलंबन
(a) संतृप्त विलयन (Saturated Solution)
जब किसी निश्चित तापमान पर किसी विलायक (जैसे पानी) में विलेय (जैसे नमक या चीनी) को घुलाते-घुलाते एक ऐसी अवस्था आ जाए कि अब और विलेय न घुल पाए, तो उस विलयन को संतृप्त विलयन कहा जाता है।
उदाहरण:
293 K तापमान पर 100 g पानी में लगभग 36 g NaCl घुलकर संतृप्त विलयन बनाता है।
अगर इसमें और नमक डाला जाए तो वह तल पर जमा हो जाएगा, क्योंकि पानी में अब अतिरिक्त नमक घुल नहीं सकता।
(b) शुद्ध पदार्थ (Pure Substance):
-
परिभाषा: वह पदार्थ जो केवल एक ही प्रकार के कण (परमाणु या अणु) से बना हो और जिसकी संरचना निश्चित हो, उसे शुद्ध पदार्थ कहते हैं।
-
उदाहरण: पानी (H₂O), सोडियम क्लोराइड (NaCl), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) आदि।
परिभाषा: वह पदार्थ जो केवल एक ही प्रकार के कण (परमाणु या अणु) से बना हो और जिसकी संरचना निश्चित हो, उसे शुद्ध पदार्थ कहते हैं।
उदाहरण: पानी (H₂O), सोडियम क्लोराइड (NaCl), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) आदि।
(c) कोलाइड (Colloid)
-
परिभाषा: ऐसा मिश्रण जिसमें एक पदार्थ के बहुत छोटे-छोटे कण दूसरे पदार्थ में समान रूप से फैले रहते हैं,
लेकिन ये पूरी तरह घुलते नहीं और नीचे बैठते भी नहीं। -
कणों का आकार: लगभग 1 nm से 1000 nm तक।
उदाहरण: दूध, धुआँ, मेयोनेज़, धूल के कण हवा में।
उदाहरण:
-
दूध (फैट कण जल में फैले रहते हैं)
-
धुंध (जल की बूँदें वायु में)
-
रक्त (प्लाज़्मा में कोशिकाएँ)
(d) निलंबन (Suspension)
-
परिभाषा: ऐसा विषम मिश्रण जिसमें ठोस कण किसी तरल या गैस में फैले रहते हैं,
लेकिन ये कण इतने बड़े होते हैं कि थोड़ी देर बाद नीचे बैठ जाते हैं।
-
उदाहरण:
परिभाषा: ऐसा विषम मिश्रण जिसमें ठोस कण किसी तरल या गैस में फैले रहते हैं,
लेकिन ये कण इतने बड़े होते हैं कि थोड़ी देर बाद नीचे बैठ जाते हैं।
उदाहरण:
-
पानी में मिट्टी मिलाने पर
-
चॉक पाउडर पानी में
-
रेत पानी में
Q5:निम्नलिखित में से प्रत्येक को समांगी और विषमांगी मिश्रणों में वर्गीकृत करें:
सोडा जल, लकड़ी, बर्फ, वायु, मिट्टी, सिरका, छनी हुई चाय|
उत्तर:
समांगी: सोडा जल, वायु, सिरका, छनी हुई चाय
विषमांगी: लकड़ी, बर्फ, मिट्टी
Q6: आप किस प्रकार पुष्टि करेंगे कि दिया हुआ रंगहीन द्रव शुद्ध जल है?
उत्तर:
- 100°C पर उबले
-
0°C पर जमे
-
विद्युत का चालक न हो
-
स्वाद व गंध रहित हो
-
वाष्पीकरण पर अवशेष न छोड़े
Q7: निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तुएँ शुद्ध पदार्थ है?
(a) बर्फ
(b) दूध
(c) लोहा
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(e) कैल्शियम ऑक्साइड
(f) पारा
(g) ईंट
(h) लकड़ी
(i) वायु
उत्तर: (a) बर्फ (Ice)
(c) लोहा (Iron)(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
(e) कैल्शियम ऑक्साइड (CaO)
(f) पारा (Mercury
Q8: निम्नलिखित मिश्रणों में से विलयन की पहचान करें|
(a) मिट्टी
(b) समुद्री जल
(c) वायु
(d) कोयला
(e) सोडा जल
(b) समुद्री जल 🌊 (पानी + लवण + गैसें)
-
(c) वायु 🌬 (गैसों का समांगी मिश्रण)
-
(e) सोडा जल 🥤 (पानी + CO₂)
Q9: निम्नलिखित में से कौन टिनडल प्रभाव को प्रदर्शित करेगा?
(a) नमक का घोल
(b) दूध
(c) कॉपर सल्फेट का विलयन
(d) स्टार्च विलयन
उत्तर:
(b) दूध
(d) स्टार्च विलयन
Q10: निम्नलिखित को तत्व, यौगिक तथा मिश्रण में वर्गीकृत करें:
(a) सोडियम
(b) मिट्टी
(c) चीनी का घोल
(d) चाँदी
(e) कैल्शियम कार्बोनेट
(f) टिन
(g) सिलिकन
(h) कोयला
(i)वायु
(j) साबुन
(k) मिथेन
(l) कार्बन डाइऑक्साइड
(m) रक्त
उत्तर: तत्व (Element):
(a) सोडियम, (d) चाँदी, (f) टिन, (g) सिलिकन
यौगिक (Compound):
(e) कैल्शियम कार्बोनेट, (k) मिथेन, (l) कार्बन डाइऑक्साइड
मिश्रण (Mixture):
(b) मिट्टी, (c) चीनी का घोल, (h) कोयला, (i) वायु, (j) साबुन, (m) रक्त
Q11: निम्नलिखित में से कौन-कौन से परिवर्तन रासायनिक हैं? (a) पौधों की वृद्धि (d) लोहे में जंग लगना (c) लोहे के चूर्ण तथा बालू को मिलाना (b) लोहे में जंग लगना (e) भोजन का पाचन (f) जल से बर्फ बनना (g) मोमबत्ती का जलना
