प्रश्न उत्तर
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प्रश्न 1: केनाल किरणें क्या हैं?
उत्तर: केनाल किरणें वे किरणें होती हैं जो गैस के धनात्मक आयनों से बनती हैं। इनकी खोज वैज्ञानिक गोल्डस्टीन ने की थी। जब कैथोड किरण नली में गैस का दाब बहुत कम कर दिया जाता है, तो ये किरणें कैथोड में बने छेदों से होकर गुजरती हैं। इससे यह सिद्ध हुआ कि परमाणु में धन आवेश वाले कण, यानी प्रोटॉन, भी मौजूद होते हैं।
प्रश्न 2: यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं?
उत्तर: नहीं , ऐसे परमाणु पर कोई आवेश नहीं होगा।
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प्रश्न 1: परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: टॉमसन के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु के अंदर धन आवेश समान रूप से फैला रहता है और उसके बीच-बीच में ऋण आवेश वाले इलेक्ट्रॉन स्थित रहते हैं, जैसे खीर में किशमिश। चूँकि परमाणु में धन और ऋण दोनों प्रकार के आवेश बराबर मात्रा में होते हैं, इसलिए परमाणु का कुल आवेश शून्य होता है और वह उदासीन (neutral) रहता है।
प्रश्न 2: रदरफ़ोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन-सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है?
उत्तर: रदरफ़ोर्ड के अनुसार, परमाणु के केंद्र में एक बहुत छोटा और घना नाभिक (nucleus) होता है। इस नाभिक में धन आवेश वाले कण, जिन्हें प्रोटॉन कहा जाता है, पाए जाते हैं। ये ही परमाणु के धनात्मक स्वभाव के लिए उत्तरदायी होते हैं।
प्रश्न 3: तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।
उत्तर:
प्रश्न 4: क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से संभव होगा?
उत्तर:हाँ, अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अलावा अन्य धातुओं की पतली पन्नी से भी किया जा सकता है।
हालाँकि, सोने की पन्नी इसलिए चुनी गई थी क्योंकि इसे बहुत पतला (कुछ परमाणुओं जितना) बनाया जा सकता है।
इतनी पतली परत से अल्फा कण आसानी से गुजर सकते हैं और उनका प्रकीर्णन स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
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प्रश्न 1: परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें।
उत्तर:
-
प्रोटॉन (Proton) – धनावेशित कण
-
न्यूट्रॉन (Neutron) – निर्वेशित (बिना आवेश वाला) कण
-
इलेक्ट्रॉन (Electron) – ऋणावेशित कण
प्रश्न 2. हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u है और उसके नाभिक में दो प्रोटॉन होते हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे?
उत्तर: परमाणु द्रव्यमान (A) = 4, प्रोटॉन संख्या (Z) = 2
न्यूट्रॉन (N) = A − Z = 4 − 2 = 2
हीलियम-4 के नाभिक में 2 न्यूट्रॉन होते हैं।
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प्रश्न 1: कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन-वितरण लिखिए।
उत्तर:
(1) कार्बन (C)
-
परमाणु संख्या = 6
-
इलेक्ट्रॉन-वितरण = 2, 4
(2) सोडियम (Na)
-
परमाणु संख्या = 11
-
इलेक्ट्रॉन-वितरण = 2, 8, 1
प्रश्न 2: अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है तो उस परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या होगी?
उत्तर: K कोश की अधिकतम क्षमता = 2 इलेक्ट्रॉन
-
L कोश की अधिकतम क्षमता = 8 इलेक्ट्रॉन
-
दोनों कोश भरे हुए हैं ⇒ इलेक्ट्रॉन
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प्रश्न 1: क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से आप इसकी संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर: किसी भी तत्व की संयोजकता जानने के लिए पहले उसकी परमाणु संख्या से इलेक्ट्रॉनों का वितरण किया जाता है। बाहरी कोश में जितने इलेक्ट्रॉन होते हैं, संयोजकता उसी के अनुसार तय की जाती है।
क्लोरीन (Cl):
परमाणु संख्या – 17
इलेक्ट्रॉन वितरण – 2, 8, 7
बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए इसकी संयोजकता 1 होती है।
सल्फर (S):
परमाणु संख्या – 16
इलेक्ट्रॉन वितरण – 2, 8, 6
बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होने के कारण इसकी संयोजकता 2 होती है।
मैग्नीशियम (Mg):
परमाणु संख्या – 12
इलेक्ट्रॉन वितरण – 2, 8, 2
इसमें बाहरी कोश के 2 इलेक्ट्रॉन भाग लेते हैं, इसलिए इसकी संयोजकता 2 होती है।
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प्रश्न 1: यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब,
(a) परमाणु की परमाणु संख्या क्या है?
(b) परमाणु का क्या आवेश है?
उत्तर:(a) किसी भी परमाणु की परमाणु संख्या उसके प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है।
इसलिए यहाँ परमाणु संख्या 8 होगी।
(b) इस परमाणु में 8 प्रोटॉन (धनात्मक आवेश) और 8 इलेक्ट्रॉन (ऋणात्मक आवेश) हैं।
दोनों की संख्या समान होने से उनके आवेश एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं।
इसलिए यह परमाणु विद्युत रूप से उदासीन (Neutral) होता है।
प्रश्न 2: सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर-परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर: किसी तत्व की द्रव्यमान संख्या (A) उसके प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के जोड़ से प्राप्त की जाती है।
ऑक्सीजन (O):
प्रोटॉन = 8
न्यूट्रॉन = 8
द्रव्यमान संख्या = 8 + 8 = 16
सल्फर (S):
प्रोटॉन = 16
न्यूट्रॉन = 16
द्रव्यमान संख्या = 16 + 16 = 32
इस प्रकार —
ऑक्सीजन की द्रव्यमान संख्या 16 तथा सल्फर की द्रव्यमान संख्या 32 होती है।
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प्रश्न 1: चिन H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
| समस्थानिक | प्रोटॉन (p⁺) | न्यूट्रॉन (n⁰) | इलेक्ट्रॉन (e⁻) |
|---|---|---|---|
| H (Protium) | 1 | 0 | 1 |
| D (Deuterium) | 1 | 1 | 1 |
| T (Tritium) | 1 | 2 | 1 |
प्रश्न 2: समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
उत्तर:
(A) समस्थानिक (Isotopes):
कभी-कभी एक ही तत्व के परमाणु ऐसे मिलते हैं जिनमें प्रोटॉन बराबर होते हैं लेकिन न्यूट्रॉन अलग-अलग रहते हैं।
जैसे — C-12 और C-14।
दोनों में 6 प्रोटॉन होते हैं, इसलिए दोनों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 होता है।
(B) समभारिक (Isobars):
ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या तो समान होती है लेकिन परमाणु संख्या अलग, उन्हें समभारिक कहा जाता है।
उदाहरण के तौर पर कैल्शियम-40 और आर्गन-40।
कैल्शियम का विन्यास है 2, 8, 8, 2,
जबकि आर्गन का विन्यास है 2, 8, 8
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।
| गुणधर्म | इलेक्ट्रॉन (e⁻) | प्रोटॉन (p⁺) | न्यूट्रॉन (n⁰) |
|---|---|---|---|
| स्थान | नाभिक के बाहर कक्षाओं में | नाभिक के अंदर | नाभिक के अंदर |
| आवेश | ऋणात्मक (–1) | धनात्मक (+1) | कोई नहीं (0) |
| द्रव्यमान | बहुत कम (≈ 1/1837 u) | 1 u | 1 u |
| आविष्कारक | जे. जे. थॉमसन | गोल्डस्टीन / रदरफ़ोर्ड | चैडविक |
प्रश्न 2: जे. जे. थॉमसन के परमाणु मॉडल की सीमाएँ।
-
यह नहीं समझा सका कि धनात्मक आवेश और इलेक्ट्रॉन परमाणु के अंदर किस प्रकार टिके रहते हैं।
-
यह मॉडल परमाणु की स्थिरता का कारण स्पष्ट नहीं कर पाया।
-
यह परमाणु के स्पेक्ट्रा (वर्ण–रेखाओं) को भी नहीं समझा सका।
-
बाद में रदरफोर्ड के अल्फा–कण प्रकीर्णन प्रयोग ने इसे गलत सिद्ध कर दिया।
-
प्रश्न 3: रदरफ़ोर्ड परमाणु मॉडल की सीमाएँ
-
इस मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं, परंतु घूमते समय उन्हें ऊर्जा खोनी चाहिए और नाभिक में गिर जाना चाहिए, जो वास्तव में नहीं होता।
-
यह मॉडल परमाणु की स्थिरता का कारण स्पष्ट नहीं कर सका।
-
यह परमाणु स्पेक्ट्रा में दिखाई देने वाली रेखाओं को भी नहीं समझा सका।
-
इसमें यह नहीं बताया गया कि इलेक्ट्रॉन किस निश्चित कक्षा या ऊर्जा स्तर में स्थित होते हैं।
-
प्रश्न 4: बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: नील्स बोर ने सन् 1913 में परमाणु की संरचना को नए तरीके से समझाया।
उनके अनुसार —
1. परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं, लेकिन वे कहीं भी नहीं रहते —
वे कुछ तय दूरी पर मौजूद गोलाकार रास्तों में रहते हैं जिन्हें ऊर्जा स्तर या कक्षाएँ कहा जाता है।
2. प्रत्येक कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 2n² होती है, जहाँ n कक्षा की संख्या दर्शाता है।
3. जब तक इलेक्ट्रॉन अपनी कक्षा में रहता है, तब तक वह न तो ऊर्जा ग्रहण करता है और न ही छोड़ता है।
4. इलेक्ट्रॉन यदि अपनी कक्षा बदलता है, तो वह ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण करता है।
प्रश्न 5: इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।
| मॉडल | वैज्ञानिक | मुख्य विचार | सीमाएँ |
|---|---|---|---|
| डॉल्टन का मॉडल (1808) | जॉन डॉल्टन | परमाणु अविभाज्य, अविनाशी और समान तत्वों के परमाणु एक जैसे होते हैं। | उपपरमाणुक कणों (e⁻, p⁺, n⁰) की खोज नहीं कर पाया। |
थॉमसन का मॉडल (1897) | जे. जे. थॉमसन | परमाणु धन आवेशित गोले जैसा है जिसमें इलेक्ट्रॉन किशमिश की तरह जमे हैं। (Plum pudding model) | इलेक्ट्रॉनों और धन आवेश की स्थिरता और स्पेक्ट्रा की व्याख्या नहीं कर पाया। |
रदरफ़ोर्ड का मॉडल (1911) | अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड | परमाणु का केंद्र नाभिक है जिसमें सारा धन आवेश और द्रव्यमान केंद्रित है। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं। | इलेक्ट्रॉनों की स्थिरता और स्पेक्ट्रा की व्याख्या नहीं कर पाया। |
बोर का मॉडल (1913) | नील्स बोर | इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं (K, L, M…) में रहते हैं। ऊर्जा का उत्सर्जन/अवशोषण केवल कक्षा बदलने पर होता है। | अधिक जटिल परमाणुओं और स्पेक्ट्रा की पूरी व्याख्या नहीं कर पाया। |
प्रश्न 6: पहले अठारह तत्त्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम लिखिए।
उत्तर: पहले 18 तत्त्वों (हाइड्रोजन से लेकर आर्गन तक) में इलेक्ट्रॉनों का वितरण बोहर-बरी के नियम के अनुसार किया जाता है।
नियम:
1️⃣ परमाणु के इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर कुछ निश्चित ऊर्जा स्तरों या कोशों (K, L, M, N...) में रहते हैं।
2️⃣ किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या का निर्धारण सूत्र 2n² (जहाँ n उस कोश की क्रम संख्या है) से किया जाता है।
3️⃣
-
K कोश (n = 1) → अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन
-
L कोश (n = 2) → अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन
-
M कोश (n = 3) → अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन
4️⃣ इलेक्ट्रॉन हमेशा पहले अंदरूनी कोश भरते हैं, उसके बाद बाहरी कोशों को भरते हैं।
प्रश्न 7: सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: संयोजकता वह संख्या होती है, जो यह दर्शाती है कि कोई परमाणु दूसरे परमाणुओं से जुड़ने के लिए कितने इलेक्ट्रॉन देता है, लेता है या साझा करता है।
उदाहरण:
-
सिलिकॉन (Si) – इसकी परमाणु संख्या 14 है और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 4 होता है। बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होने से इसकी संयोजकता 4 होती है।
-
ऑक्सीजन (O) – इसकी परमाणु संख्या 8 है और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 है। बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह स्थिरता पाने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। इसकी संयोजकता 2 होती है।
प्रश्न 8: उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए-परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक। समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
(i) परमाणु संख्या (Atomic Number):
किसी तत्व के परमाणु में मौजूद प्रोटॉनों की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहा जाता है।
उदाहरण: हाइड्रोजन (H) में 1 प्रोटॉन होता है, इसलिए इसकी परमाणु संख्या 1 है।
(ii) द्रव्यमान संख्या (Mass Number):
परमाणु के प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या को द्रव्यमान संख्या कहा जाता है।
उदाहरण: कार्बन (C) में 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं → द्रव्यमान संख्या 12।
(iii) समस्थानिक (Isotopes):
एक ही तत्व के ऐसे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या अलग होती है।
उदाहरण: प्रोटियम (¹H), ड्यूटीरियम (²H), और ट्रिटियम (³H)।
(iv) समभारिक (Isobars):
वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान है लेकिन परमाणु संख्या अलग होती है।
उदाहरण: कैल्शियम (⁴⁰Ca) और आर्गन (⁴⁰Ar)।
समस्थानिकों के उपयोग:
-
चिकित्सा क्षेत्र में: आयोडीन-131 का उपयोग थायरॉयड ग्रंथि से जुड़ी बीमारियों के इलाज में होता है।
-
पुरातत्त्व में: कार्बन-14 का प्रयोग प्राचीन वस्तुओं की आयु ज्ञात करने (Carbon Dating) में किया जाता है।
प्रश्न 9: Na+ के पूरी तरह से भरे हुए K व L कोश होते हैं-व्याख्या कीजिए।
उत्तर: सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 होती है। इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास है – 2, 8, 1। जब सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खो देता है, तो यह Na⁺ आयन बनाता है। अब इसके पास केवल 10 इलेक्ट्रॉन रह जाते हैं, जिनका वितरण होता है – 2, 8। इस प्रकार Na⁺ आयन में —
-
K कोश में 2 इलेक्ट्रॉन
-
L कोश में 8 इलेक्ट्रॉन
दोनों कोश पूरी तरह भरे हुए होते हैं, इसलिए Na⁺ आयन स्थिर होता है।
प्रश्न 10: अगर ब्रोमीन परमाणु दो समस्थानिकों [_{ 79 }^{ 35 }{ Br } (49.7%) तथा [_{ 81 }^{ 35}{ Br } (50.3%)] के रूप में है, तो ब्रोमीन परमाणु के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए।
उत्तर: ब्रोमीन के दो समस्थानिक हैं:
-
→ प्रतिशत प्रचुरता = 49.7%
-
→ प्रतिशत प्रचुरता = 50.3%
औसत परमाणु द्रव्यमान निकालने का सूत्र :
जहाँ,
-
= समस्थानिकों के द्रव्यमान
-
= प्रतिशत प्रचुरता
गणना :
ब्रोमीन का औसत परमाणु द्रव्यमान = 80 u
प्रश्न 11: एक तत्त्व X का परमाणु द्रव्यमान 16.2u है तो इसके किसी एक नमूने में समस्थानिक [_{ 16 }^{ 8 }{ X } और [_{ 18 }^{ 8 }{ X } का प्रतिशत क्या होगा?
उत्तर : औसत परमाणु द्रव्यमान = 16.2 u
समस्थानिक = और
हल करने पर →
-
= 90%
-
= 10%
परिणाम : तत्त्व X के नमूने में 90% हल्के और 10% भारी समस्थानिक पाए जाते हैं।
प्रश्न 12: यदि तत्त्व को Z = 3 हो तो तत्त्व की संयोजकता क्या होगी? तत्त्व का नाम भी लिखिए।
उत्तर :परमाणु संख्या 3 होने का अर्थ है कि उस तत्व में 3 इलेक्ट्रॉन हैं। इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास होगा — 2, 1बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन होने से इसकी संयोजकता 1 होगी। यह तत्व लिथियम (Li) कहलाता है, जिसकी संयोजकता 1 होती है।
प्रश्न 13: दो परमाणु स्पीशीज़ के केंद्रकों का संघटन नीचे दिया गया है।
| स्पीशीज़ | प्रोटॉन | न्यूट्रॉन |
|---|---|---|
| X | 6 | 6 |
| Y | 6 | 8 |
X और Y की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। इन दोनों स्पीशीज़ में क्या संबंध है?
उत्तर : (i) द्रव्यमान संख्या ज्ञात करना
द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
-
X के लिए → 6 + 6 = 12
-
Y के लिए → 6 + 8 = 14
(ii) दोनों में संबंध
दोनों के प्रोटॉन समान (6) हैं, यानी दोनों का तत्व कार्बन (C) है।
परंतु न्यूट्रॉनों की संख्या अलग होने से ये समस्थानिक (Isotopes) हैं।
अर्थात् X = कार्बन-12 और Y = कार्बन-14 हैं।
प्रश्न14: निम्नलिखित वक्तव्यों में गलत के लिए F और सही के लिए T लिखें
(a) जे०जे० टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केंद्रक में केवल न्यूक्लीयॉन्स होते हैं।
(b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं। इसलिए यह अनावेशित होता है।
(c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग \frac { 1 }{ 2000 } गुणा होता है।
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है। इसका उपयोग दवा के रूप में होता है।
उत्तर: (a) F, (b) F, (c) T, (d) F
प्रश्न15: रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?
(a) परमाणुक केंद्रक
(b) इलेक्ट्रॉन
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन
उत्तर: (a) परमाणुक केंद्रक
प्रश्न16: एक तत्त्व के समस्थानिक में होते हैं
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
प्रश्न17: Cl – आयन में संयोजकता-इलेक्ट्रॉनों की संख्या है
(a) 16
(b) 8
(c) 17
(d) 18
उत्तर: (b) 8
प्रश्न18: सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में कौन सा है?
(a) 2, 8
(b) 8, 2, 1
(c) 2, 1, 8
(d) 2, 8, 1
उत्तर: (d) 2, 8, 1
प्रश्न 19: सारणी को पूरा कीजिए
| परमाणु संख्या | द्रव्यमान संख्या | न्यूट्रॉनों की संख्या | प्रोटॉनों की संख्या | इलेक्ट्रॉनों की संख्या | परमाणु स्पीशीज़ |
|---|---|---|---|---|---|
| 9 | 19 | 10 | 9 | 9 | फ्लोरीन (F) |
| 16 | 32 | 16 | 16 | 16 | सल्फर (S) |
| 12 | 24 | 12 | 12 | 12 | मैग्नीशियम (Mg) |
| 1 | 2 | 1 | 1 | 1 | हाइड्रोजन (ड्यूटीरियम, D) |
| 1 | 1 | 0 | 1 | 1 | हाइड्रोजन (प्रोटियम, H) |

